June 15, 2026

कैलाशपति की अमृतमयी कथा से भक्त हुए निहाल- घनश्याम शास्त्री

ग्वालियर। त्रिवेणी चौक, पान पत्ते की गोठ, कंपू क्षेत्र में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस पूज्य घनश्याम शास्त्री जी ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा और भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले बेलपत्र के आध्यात्मिक महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
महाराज श्री ने कहा कि 12 ज्योतिर्लिंग सनातन संस्कृति की दिव्य चेतना के प्रतीक हैं। इनके दर्शन, स्मरण और पूजन से जीवन के कष्ट दूर होकर सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि बेलपत्र का त्रिदल ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है तथा श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर शिवमहिमा का श्रवण करते रहे। समापन पर भव्य महाआरती आयोजित की गई, जिसमें मुख्य यजमान श्रीमती कमला भदौरिया, अभयराज भदौरिया एवं भदौरिया परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। देर शाम तक कथा स्थल शिवभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से गुंजायमान रहा।

About The Author