ग्वालियर- इस बार विवाह के सीजन में बीच बीच में विवाह मुहूर्त में रूकावटे आती रही है कभी मीन मलमास की वजह से कभी ज्येष्ठ अधिक मास तो कभी गुरु तारा अस्त , हरिशयन काल की वजह से अब कुल 10 विवाह मुहूर्त शेष इस सीजन में है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि 17 मई से 15 जून तक इस सीजन में इस बार ज्येष्ठ अधिक मास की वजह से शहनाई पर रोक रही अब इस सीजन के 10 शुद्ध विवाह मुहूर्त ही बच्चे हैं और दिसंबर लास्ट तक केवल 18 विवाह मुहूर्त ही शेष है।
जून माह में मुहूर्त -19,20,22,23,26,27,29 जुलाई -06,07,11 नवंबर में – 21,24,25,26 दिसंबर – 02,03,11,12
कब किस कारण विवाह पर रोक रहेगी:- जैन ने बताया कि गुरु तारा अस्त – 16जुलाई आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया गुरुवार को गुरु तारा पश्चिम दिशा में अस्त होंगे जो 09 अगस्त श्रावण कृष्ण एकादशी रविवार को पूर्व दिशा में उदय होंगे। गुरु अस्त कालांश एवं अस्त से तीन दिन पूर्व तक वृद्वत्यकाल तथा उदय से तीन दिन तक बाल्यकाल भी विवाहादि शुभ कार्य में वर्जित हैं।
हरिशयन काल:- 25 जुलाई आषाढ़ शुक्ल एकादशी शनिवार से 20 नवंबर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक हरिशयन काल समय में सिंध, पंजाब, कश्मीर, हिमाचल आदि राज्यों, विशेष धर्म /संप्रदाय के अलावा विवाह मुहूर्त नहीं है।
श्राद्ध पक्ष :- 26 सितंबर भाद्रपद पूर्णिमा शनिवार से 10 अक्टूबर आश्विन अमावस्या शनिवार तक महालय श्राद्ध पक्ष होने से विवाह आदि सभी कार्य वर्जित हैं।
शुक्र तारा अस्त:-14 अक्टूबर आश्विन शुक्ल चतुर्थी बुधवार को शुक्र तारा पश्चिम दिशा में अस्त होगा जो 28 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण तृतीया बुधवार को पूर्व दिशा में उदय होगा शुक्र तारा अस्त से तीन दिन पहले और उदय के तीन दिन बाद तक भी विवाह आदि शुभ कार्यों पर रोक रहेगी ।
धनु मलमास:- 16 सितम्बर मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी बुधवार से 14 जनवरी पौष शुक्ल षष्ठी गुरुवार 2027 तक धनुराशिस्थ सूर्य संज्ञक पौष मलमास विवाह आदि कार्यों में वर्जित हैं।

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