June 13, 2026

योग के महत्व की जागरूकता की लेकर निकाली साइकिल रैली

आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान और एलएनआईपी के अधिकारी हुए शामिल

ग्वालियर। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ग्वालियर तथा लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में आज प्रातः अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर समाज में योग को अपनाने के प्रति जागरूकता के मुख्य उद्देश्य से एक साइकिल रैली निकाली गई। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि, वाइस चांसलर इंचार्ज, प्रो. एम. के. सिंह, प्रोफेसर यतेंद्र सिंह (रजिस्ट्रार) तथा क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान प्रमुख डॉ बृजेश सिंह सिसोदिया, विशेष अतिथि के रूप शामिल हुए।
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान प्रमुख डॉ बृजेश सिंह सिसोदिया ने इस बार की योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” विषय और इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य की बढ़ती उम्र के साथ शरीर में संधियों में जकड़ाहट और माँस पेशियों मे कमजोरी आने लगती है। उन्होंने कहा कि लोगों को इससे बचने के लिये दिनचर्या में योग को नियमित तौर पर शामिल करना चाहिए। इस तरह नियमित और निरन्तर योगाभ्यास से संधियों को लचीला और माँस पेशियों को सुदृढ़ बनाकर शरीर में ताकत और संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रो. एम. के. सिंह के द्वारा प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग एवं शारीरिक व्यायाम के लिए निकालने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि ऐसा करके हम शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनकर समाज और देश के लिए अपना योगदान दे सकते है। इसके उपरांत प्रोफ. एम. के. सिंह के द्वारा हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली का औपचारिक उद्घाटन किया। यौगिक साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. सी.पी. सिंह भाटी के विशेष सहयोग और नेतृत्व में साइकिल रैली निकाली गई। इस साईकिल रैली में क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान तथा लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के लगभग 40 अधिकारियों कर्मचारियों ने एलएनआईपी से स्टेशन रोड होते हुए फिर महात्मा गांधी मार्ग से ‘सूर्य नमस्कार तिराहा’ होते हुए वापस एलएनआईपी ग्वालियर के मुख्य द्वार तक उत्साह पूर्वक साइकिल चलाई और लोगों मे योग के प्रति जागरूकता फैलाई। साईकिल रैली में एलएनआईपी से प्रोफ. नीबू .आर. कृष्णा, संस्थान सहायक निदेशक आयुर्वेद डॉ सुनीता सहायक एवं अनुसंधान अधिकारी डॉ एम.एम. शर्मा, डॉ अनिल मंगल, डॉ दारा सिंह रोतवार, डॉ एस. बी. सिंह, डॉ प्रमोद चंद्र द्विवेदी तथा दोनों संस्थानों के कर्मचारी शामिल हुए।

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